अस्थमा होने के कारण !

हमारे देश में अस्थमा के रोगियों की संख्या बहुत है, ये बिमारी युवा और ओल्ड ऐज वालों के अलावा छोटे बच्चों को भी हो सकता है। अमेरिका में तो काफी ज्यादा अस्थमा के पेशेंट हैं। ये एक ऐसी बिमारी है जो अगर एक बार हो जाये तो जिन्दगी भर साथ रहता है। इलाज तो है, लेकिन वो सिर्फ इस बिमारी के प्रभाव को कम करने के लिए या इसके दीर्घकालिक प्रभाव को कम करने के लिए। अगर अस्थमा का सही समय पर इलाज ना किया गया तो इंसान मर भी सकता है, अस्थमा होने के कई कारण हैं :-

  • सबसे पहला कारण तो ये है की, हम रोज होने वाली खांसी को सामान्य मानकर उसका इलाज नहीं करते हैं, और ये एक दिन बढ़कर अस्थमा का रूप ले लेता है, जो फिर पूरी उम्र साथ निभाता है।
  • गाड़ियों से निकलता धुंआ,अगर आप धुम्रपान करते हैं या स्मोकिंग करने वाले के आस-पास हो तो अस्थमा हो सकता है। ये धुएं फेफड़ों में पहुंचकर उसे और नुक्सान पहुंचाकर अस्थमा की सम्भावना को बढ़ा देते हैं।
  • एलर्जी पैदा करने वाली चीजें जैसे परफ्यूम का गंध,केमिकल फेैक्ट्री के निकलते धुएं,सर्दी का मौसम,धुल के कण आदि।
  • नाक,कान और गले में होने वाली बिमारी का अगर शुरू में इलाज ना किया गया तो, इसके विषाणु फैलकर अस्थमा को बढ़ावा दे सकते हैं ।
  • शराब पीने से भी अस्थमा का ख़तरा बढ़ जाता है, शराब में सल्फाइड होती है, जो अस्थमा  का कारण बन सकता है।
  • ज्यादा चिंता,डर या अधिक जोर-जोर से हँसना या चिल्लाना जैसी स्थिति जिसमे तनाव होता है। स्वास नाली रोक सकता है जिससे अस्थमा का अटैक आ सकता है।
  • अधिक शारीरिक श्रम करने वाले भी स्वास सम्बन्धी रोगी हो सकते हैं, ज्यादा जोर-जोर से साँस लेना भी इस रोग को बुलावा देता है ।
  • पीरियड्स या प्रेगनेंसी के दाैरान जब हार्मोन्स का बदलाव होता है, तो ये भी अस्थमा का एक कारण हो सकता है।
  • अगर आपके परिवार मे से किसी को पहले से अस्थमा है, तो इसके ज्यादा चांसेस हैं की आप इसकी चपेट में आ जायें।
News Reporter

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