किडनी में होने वाली बिमारी के कारण,लक्षणऔर उससे बचाव कैसे करें

किडनी हमारे शरीर का सबसे महत्वपूर्ण अंग है। किडनी का काम हमारे शरीर के विषैले पदार्थों को मल-मूत्र के रूप में में बाहर निकालना होता है, लेकिन जब किडनी में किसी प्रकार की बिमारी हो जाती है तो ये सुचारु रूप से काम नहीं कर पाता। जिससे शरीर की गंदगी बाहर ना निकल कर शरीर में ही इकठ्ठा होने लगता है, जो शरीर में कई प्रकार की बीमारिया पैदा करता है। पिछले कुछ सालों में भारत में किडनी मरीजों की संख्या में बहुत ज्यादा बढ़ोतरी देखी गयी है। कारण किडनी का महंगा इलाज। किडनी में बिमारी के कई कारण हो सकते हैं:-

किडनी में बिमारी होने के कारण

  • अगर आपको हाई बीपी है तो किडनी की समस्या हो सकती है।
  • किडनी की समस्या पतले लोगों की अपेक्षा मोटे लोगों को ज्यादा दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
  • डायबिटीज़ के रोगीयों को भी इस समस्या से दो-चार होना पड़ता है।
  • धूम्रपान या अत्यधिक शराब का सेवन भी किडनी को बीमार कर सकता है।
  • अगर परिवार में पहले किसी को किडनी की समस्या है तो परिवार के अन्य सदस्यों को भी ये समस्या हो सकती है, इसके लक्षण आपको छोटी उम्र से ही दिखाई दे सकती हैं।
  • अंदरूनी कोई चोट या इंफेक्शन भी किडनी को क्षतिग्रस्त कर सकते हैं।
  • किडनी में पथरी की समस्या भी हो सकती है, अगर मूत्र बाहर निकलने में दिक्कत आये तो किडनी में (स्टोन) पथरी की समस्या आती है।
  • बहुत ज्यादा मात्रा में पेनकिलर का इस्तमाल से बचें,इससे किडनी डैमेज हो सकती है। अगर पेनकिलर लेना ही पड़े तो अपने डॉक्टर से सलाह जरूर करें।

किडनी कई बार आंशिक काम करना या पूरी तरह काम करना करना बंद कर देता है, इसे किडनी फेल्योर कहते हैं। किडनी पूरी तरह क्षतिग्रस्त होने की स्थिति में इसे ट्रांसप्लांट करना पड़ता है।

किडनी(गुर्दे ) रोग के लक्षण

  •  भूख कम लगना।
  • मांसपेशियों में खिंचाव।
  • थोड़ी शारीरिक मेहनत  करने पर भी बहुत ज्यादा थकान लगना।
  • बिना कारण वजन का काम होना।
  • पेशाब का बार-बार और थोड़ा मात्रा में आना।
  • बहुत ज्यादा प्यास लगना।
  • नींद का कम आना।
  • त्वचा में रूखापन आ जाता है और खुजली होनी शुरू हो जाती है।

किडनी के क्षतिग्रस्त की जानकारी के लिए भी कई प्रकार की जांच की जाती हैं:-

  • यूरिन टेस्ट के द्वारा किडनी के बिमारी का पता लगाया जाता है।
  • किडनी के क्षतिग्रस्त की जानकारी के लिए अल्ट्रासॉउन्ड भी की जाती।
  • किडनी सही तरह से काम कर रही है या नहीं ब्लड टेस्ट के द्वारा भी इसका पता लगाया जाता है।
  • अगर डॉक्टर को लगे की किडनी बहुत ज्यादा खराब है या पूरी तरह काम करना बंद कर चूका है तो, किडनीकी बायोप्सी की जाती है और किडनी कितना खराब हो चूका है ये पता लगाया जा सकता है।
  • इसके अलावा पेट का MRI या सी.टी.स्कैन करके भी किडनी खराबी का पता लगाया जाता है।

 

 किडनी रोगों से बचाव 

 

किडनी हमारे शरीर का सबसे महत्वपूर्ण अंग है, इसलिए इसका खास ख्याल रखा जाना चाहिए। अगर ये एक बार खराब हो जाए तो बहुत ज्यादा तकलीफों का सामना करना पड़ता है। किडनी बहुत ज्यादा खराब होने या पूरी तरह काम ना कर पाने के स्थिति में इसे ट्रांसप्लांट करने की जरुरत पड़ती है। जो की बहुत ज्यादा तकलीफदेह तो है ही, साथ ही बहुत महँगी और आम आदमी की पहुंच से बहुत दूर है। इसलिए किडनी को रोगों से बचाने और स्वस्थ रखने के लिए अपने लाइफ स्टाइल और अपने खान-पान में थोड़ा सा बदलाव करें।

  • किडनी को स्वस्थ रखने के लिए भरपूर मात्रा में पानी पिएं ,जितना ज्यादा तरल पदार्थ यूज़ करेंगे उतना ही शरीर में बनने वाले  हानिकारक पदार्थ  पेशाब के रूप मे बाहर निकल जाते हैं और किडनी हेल्दी रहती है। इसलिए रोजाना कम से कम 8-9 गिलास पानी जरूर पिएं।
  • नियमित रूप से व्यायाम या मॉर्निंग वॉक जरूर करें, जिससे शरीर स्वस्थ रहे और मोटापा ना बढे। बढ़ा हुआ वजन और अनवांटेड वसा किडनी में होने वाले खतरा को बढ़ाता है।
  • अपने खाने में स्वास्थ्यवर्धक हरी सब्जियां और फलों को जरूर शामिल करें, बजाय ऑयली और अनहैल्थी खाने के। जितना हो सके ऑयली खाने से दूर रहें।
  • नमक यानी सोडियम का काम मात्रा यूज़ करें। शरीर में नमक का ज्यादा मात्रा किडनी के रोगों को बुलावा देता है।
  • अगर आप पहले से शुगर,बीपी या हार्ट सम्बंधित समस्या से ग्रस्त हैं तो, आपको और ज्यादा सावधानी की जरुरत पड़ती है। अपना खास ख्याल रखें और समय-समय पर डॉक्टर से जांच और सलाह करते रहें।
  • धूम्रपान और शराब से बिल्कुल दूर रहें , इससे किडनी कैंसर का खतरा बढ़ जाता है।
  • अगर किडनी डैमेज के लक्षण दिखे तो तुरंत किडनी की जाँच अवश्य करवाएं।

 

 

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