पति-पत्नी के बीच झगडे होने के मुख्य कारण !

वैसे तो पति-पत्नी के बीच छोटी-मोटी तकरार तो होती रहती है, ये तकरार प्यार बढाने का काम भी करते हैं।। लेकीन अगर यही छोटी-मोटी तकरार बड़े-बड़े झगडे का रूप ले ले तो। रोज-रोज की ये तकरार कभी-कभी बात घरेलू हिंसा और तलाक तक पहुँच जाती है। बहुत से लोगों को अपनी जिन्दगी में रिलेशनशिप ब्रेकअप और तलाक जैसी चीजों का सामना करना पड़ता है। पति-पत्नी दोनों को ही इस बात का ध्यान रखना चाहिए की मामला इतना ना बढ़ जाए की बात मारपीट या तलाक तक पहुँच जाए। आईये जानते हैं कुछ बातों के बारे में जिनका ध्यान रखकर हम ये छोटे-मोटे झगडे प्यार से निपटा सकते हैं :-

  • पति-पत्नी का रिश्ता आपसी प्यार और विश्वास पर टिका होता है। लेकीन इनके बीच जब यही ना हो तो, एक दूसरे के ऊपर आरोप प्रत्यारोप और मारपीट जैसी चीजें होना आम बात है।
  • पति-पत्नी एक दुसरे को समय नहीं दे पाते दोनों ही अपने कैरियर को लेकर इतने महत्वाकांक्षी होते हैं की, अपने रिश्ते के लिए उनके पास वक़्त ही नहीं होता। जो की इस रिश्ते के लिए बहुत जरुरी होता है। समय ही दोनों को पास लाने के बजाये और दूर ले जाती है।
  • शादीशुदा जिन्दगी में गलती होने पर दोनों ही एक-दुसरे को गलत समझते हैं। कोई भी अपनी गलती मानने को तैयार नहीं होता। किसी न किसी बात को लेकर गलती निकलना और एक दुसरे को निचा दिखने पर तुले रहते हैं, क्योंकि यहाँ मामला ईगो का हो जाता है यहीं रिश्तों में दरार पड़ने लगती है।
  • बहुत से पति-पत्नी पुरानी बातों को या पुराने रिश्तों से सबक ना लेकर फिर वही गलतियाँ दोहराते हैं। उन्हें नए रिश्ते या नए जीवनसाथी में वो सब गुण दिखाई देता है जो इसमें नहीं है।
  • पति-पत्नी दोनों ही एक दुसरे पर आरोप लगाते हैं की उनके रिश्तेदारों से तुम्हें चिढ है। उनका हमारे घर आना बुरा लगता है, अगर वो कुछ दिनों के लिए रहने आ गए तो मुंह लटक जाता है।
  • पति-पत्नी  हमेशा एक दुसरे की तुलना करते रहते हैं, की उसका पति उसे कितना प्यार करता है। तुम्हारे पास तो मेरे लिए टाइम ही नहीं है। उसका पति उसे नए- नए गहने दिलवाता रहता है जबकि मेरे पास तो 2 महीने पहले वाला वही पुराना सेट पड़ा है। पतियों की भी शिकायत रहती है की तुम कितना गन्दा खाना बनती हो पड़ोसन के हाथ का खान जो एक बार खाए तो बस उंगलिया चाटता ही रह जाए।
  • अगर किसी बात को लेकर दोनों की सोच ना मिले तो ये भी बहस का कारण बनता है। दोनों ही अपने को सही ठहराते हैं और दुसरे को गलत उन्हें लगता है की उनका ही पक्ष ही सही है और दूसरा गलत।
  • पति-पत्नी दोनों को ही अगर एक दुसरे पर शक हो जाए या ऐसी कोई घटना हो जाए जो शक पैदा करे तो बहस होना  जायज है। यही बहस आगे चलकर तलाक का कारण बनता है, भले ही इस शक में कोई सच्चाई ना हो।
  • कई बार पैसों को लेकर भी दोनों के बीच बहस का मुद्दा बनता है। यदि पत्नी की सैलरी पति से ज्यादा हो तो पति में असुरक्षा की भावना आ जाती है। जो धीरे-धीरे आपसी मतभेद का रूप ले लेते हैं।
  • सेक्स भी बहस का मुद्दा हो सकता है। आजकल की महिलाएं दबकर रहने वाली नहीं हैं, पहले महिलाएं असंतुष्टि पर कुछ नहीं बोलती थी। लेकिन अब वे जागरूक हो गयी हैं तन से  भी पूरी संतुष्टि चाहिए इन्हें। सेक्स में असंतुष्टि झगडे का कारण बनता है। अगर यही चीज लगातार चलती रहे तो ये विवाहेतर सम्बन्ध भी बन सकते हैं।
News Reporter

Leave a Reply

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.