बच्चों की आम परेशानियाँ !

छोटे बच्चे के पालन-पोषण में बहुत ज्यादा सावधानी की जरुरत पड़ती है, क्योंकि एक तो वे बोल नहीं पाते इसलिए उनके हाव-भाव को देखकर उनकी परेशानी का अंदाजा लगाना पड़ता है। ऐसे में शारीरिक विकास के साथ-साथ कुछ स्वास्थ्य समस्याओं का भी होना स्वाभाविक है। आईये जाने शिशु की सेहत से जुडी कुछ ऐसी ही आम परेशानियों के बारे में :-

 

1.जब दांत निकलने लगे

लगभग 6 महीने से 1 साल के अन्दर बच्चों के दांत निकलने शुरू होते हैं। अक्सर पहले निचे के 2 दांत निकलते हैं फिर ऊपर के 2 दांत। अगर दांत निकलने में थोड़ा समय लगे भी तो घबराना नहीं चाहिए। 

 

लक्षण

कैसे पता करें की बच्चों का दांत निकल रहा है बच्चे में इस समय चिड़चिड़ापन आ सकता है। इस दौरान बच्चे को बुखार या उसे लूज़ मोशन हो सकता है। हालाँकि लूज़ मोशन और बुखार का दांत निकलने से सीधा-सीधा कोई सम्बन्ध नहीं है, लेकिन जब दांत निकलने लगते हैं तो बच्चों के मसूड़ों में दर्द और खुजली होने लगती है। इससे राहत पाने के लिए वो कोई भी चीज उठाकर चबाने लगता है। हो सकता है इस चीज में वायरस और गंदगी हो, ये पेट में जाकर बुख़ार या लूज़ मोशन जैसी समस्याएं पैदा करती हैं ।

इससे कैसे बचें

  • बच्चों को केला,सेब दें, वो भी उबाल कर। उसे संतरे का जूस भी दे सकते हैं ।
  • बच्चे को कैल्शियम और विटामिन’डी’ भी देनी चाहिए।
  • अगर ठण्ड का मौसम है तो उसे धूप मे लिटा सकते हैं, क्योंकि धुप भी विटामिन’डी’ का अच्छा स्त्रोत है।
  • घर की साफ़ सफाई का ज्यादा ध्यान रखें।

2.जब कान में इन्फेक्शन हो

दांत के जैसे ही कान का इन्फेक्शन भी समस्या पैदा कर सकता है, जिससे उनके कान में दर्द हो सकता है। कई बार इस दर्द से वे इतने बैचेन हो जाते हैं की उन्हें नींद भी नहीं आती। 

कान में दर्द होने का कारण

अगर ठण्ड का मौसम है और ठंडी हवा कान में चली जाए तो इससे भी कान में दर्द हो सकता है। कई बार नहाते समय बच्चों के कान में पानी चला जाता है, इस कारण भी कान में दर्द हो सकता है। यदि सर्दी-जुकाम है तो इससे भी कान में दर्द हो सकता है। 

 

बचने के उपाय

  • कई बार जुकाम की वजह से नाक बहता है या नाक बंद हो सकता है, इस कारण भी कान में दर्द हो सकता है।
  • ठण्ड के मौसम में हवा चलती है, इससे बचने के लिए उसे टोपी या स्कार्फ पहना कर रखें ताकि कान में हवा ना जाए।
  • अगर कान में दर्द है तो उसे गुनगुना पानी पीने को दें, इससे उसे आराम मिलेगा ।
  • नहलाते समय बच्चे के कान में रुई डाल कर नहलाएं ताकि उसके कान में पानी ना चला जाये, क्योंकि इससे भी कान में संक्रमण हो सकता है। 
  • बच्चे के सामने कभी-भी कान में कोई लकड़ी या नुकीली चीज से साफ़ ना करें क्योंकि बच्चे बड़ों की नक़ल करते हैं।
  • बच्चे को कभी-भी लेटकर दूध ना पिलायें, इससे उनके कान में भी दूध जा सकता है।
  • कान में दर्द होने पर तेल डालना,रुई से साफ़ करना आदि जैसी घरेलु उपचार ना करें, तुरंत किसी अच्छे डॉक्टर से मिलें ।

 

News Reporter

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