ब्लड डोनेट के बावजूद भी आप कमजोरी महसूस नहीं करेंगे

हर साल 14 जून को वर्ल्ड ब्लड डोनेट डे मनाया जाता है। इसे मानाने के पीछे का उद्देश्य लोगों को रक्तदान के लिए जागरूक करना है। लोगों को ये समझाना की रक्तदान से शरीर में कोई कमजोरी नहीं आती। उलटे इससे फायदा ही है। ब्लड डोनेट करना अच्छा होता है और ये आज की एक जरुरत भी बन गया है। ब्लड डोनेट हम किसी और के लिए नहीं बल्कि खुद के लिए भी तो करते हैं,मान लीजिये अगर कभी हमें ब्लड की जरुरत पड़ जाए तो हमारा ब्लड हमारे ही काम आ सकता है। ब्लड ही एक ऐसी चीज है जिसके लिए कोई दूसरा विकल्प नहीं है, इसीलिए तो ब्लड डोनेट के लिए कैंप लगाकर लोगों को प्रत्साहित किया जाता है। अगर आप एक बार ब्लड डोनेट करते हैं तो, इससे 3 लोगों की जान बचा सकते हैं। सोचिये जब आप ब्लड डोनेट कर के आयेंगे तो आप को अपने आप पर कितना गर्व महसूस होगा की, आपने आज कम से कम 3 लोगों की जान तो बचायी है। लेकिन कई लोगों को कुछ गलत फहमी है की रक्तदान से चक्कर आना, उल्टी आना, शरीर का कमजोर हो जाना आदि हो जाता है, आपकी जानकारी के लिए बता दें ऐसा कुछ भी नहीं होता है :-

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कौन ब्लड डोनेट कर सकता है ?

  • ब्लड डोनेट वही कर सकता है जिसकी उम्र 18 साल से अधिक हो, इससे कम उम्र के लोग रक्तदान नहीं कर सकते।
  • अगर आप ब्लड डोनेट करने की सोच रहे हैं और ब्लड डोनेट करना चाहते हैं तो , इसके 1 दिन पहले स्मोकिंग करना बंद कर दें और ब्लड डोनेट के 3 घंटे के बाद ही स्मोकिंग कर सकते हैं।
  • रक्तदान वही कर सकते हैं जिनका वजन 45 किलोग्राम से ज्यादा हो।
  • अगर आपने रक्तदान के 48 घंटे पहले शराब का सेवन किया है तो आप रक्तदान नहीं कर सकते।
  • जिन महिलाओं को माहवारी है वे भी ब्लड डोनेट नहीं कर सकते।
  • जिन महिलाओं के छोटे बच्चे हैं या फिर जो अपने बच्चे को स्तनपान करा रही हैं, उन्हें भी ब्लड डोनेट करने से मन  कर दिया जाता है।
  • ब्लड डोनेट करने वाले व्यक्ति का हीमोग्लोबिन का स्तर 12% से अधिक होना चाहिए।

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ब्लड डोनेट के बाद क्या सावधानी बरतें

  • ध्यान रखें रक्तदान में हमारे शरीर से लगभग 470 मिलीलीटर ब्लड निकाला जाता है, जो पिंट (एक गिलास बियर) से भी कम होता है।
  • ब्लड डोनेट के दौरान निकाला गया ब्लड को हमारा शरीर फिर से 21 दिन में दुबारा बना देता है।
  • अगर एक वयस्क शरीर में 10 यूनिट रक्त है तो, समझिये रक्तदान में उसका सिर्फ 1 यूनिट रक्त ही निकाला जाता है।
  • अक्सर रक्तदान के बाद रक्तदाता को खाने को कुछ स्नेक्स दिए जाते हैं जैसे: जूस,चिप्स आदि। इन्हें लेने और खाने में बिल्कुल भी परहेज ना करें।

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  • रक्तदान के बाद हर 3 घंटे के अंतराल पर हेवी डाईट लेते रहें, खाने में पोष्टिक आहार लें और ज्यादा से ज्यादा फल खाएं।
  • अगर रक्तदान के बाद आपको हल्का चक्कर आये, पसीना आये, शरीर में कम्पन आदि महसूस हो रहा है तो, ज्यादा से ज्यादा तरल पदार्थ पियें। वैसे ये घटनाएं सभी क साथ घटित नहीं होती। ये सिर्फ उन्हीं को महसूस होता है, जिनका शरीर कमजोर होता है और ये अक्सर ही होता है।
  • ब्लड डोनेट के बाद शरीर में हीमोग्लोबिन के स्तर में भी कोई कमी नहीं आती है।
  • ब्लड डोनेट के तुरंत बाद ना चलें, कम से कम आधा या पौन घंटे बाद चलें। शरीर में ब्लड के संचार को सामान्य होने दें।
  • रक्तदान के तुरंत बाद गर्म पानी से नहाने से बचें।
  • रक्तदान के बाद कुछ दिनों तक हैवी एक्सरसाइज से बचें।
  • जिस हाथ से ब्लड डोनेट किया है उस हाथ से कम से कम 4-5 दिन तक कोई भारी काम ना करें।
  • अगर उस जगह से खून निकलता है तो, सबसे पहले निचे बैठें और उस जगह को 5 मिनट तक दबाकर रखें।
News Reporter

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