मॉनसून के मौसम में होने खतरनाक वाली बिमारी-मलेरिया

गर्मियों का मौसम साथ ही बारिश। यह बदलता हुआ मौसम शरीर में स्किन इनफेक्शन के साथ-साथ और भी बहुत सी बीमारी लाती है। इसमें मलेरिया और डेंगू जैसी खतरनाक बीमारियां भी शामिल हैं। मौसम में नमी और गर्मी दोनों एक साथ होने पर मलेरिया और डेंगू जैसे खतरनाक बीमारी के प्रजनन के लिए माहौल अनुकूल होता है। मलेरिया होने का पीछे मादा एनाफिलीज नामक मच्छर होता है, जो शरीर में काटने के बाद उस जगह पर मलेरिया का लार्वा छोड़ जाता है। जिसके कारण मलेरिया होता है। एक रिपोर्ट के अनुसार भारत में हर साल लगभग 18 लाख से ज्यादा लोग मलेरिया जैसी खतरनाक बिमारी से ग्रस्त होते हैं। दुनिया में बहुत से देश मलेरिया से ग्रस्त हैं। पूरी दुनिया में मलेरिया से प्रभावित 80% मामले केवल भारत, पाकिस्तान और इंडोनेशिया जैसे देशों में है।

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मलेरिया के लक्षण

  • अगर किसी को मलेरिया है तो उसे बुखार के साथ-साथ सर्दी और सिर दर्द की समस्या भी बनी रहती है। इसमें कभी बुखार कम हो जाता है और कभी बुखार बढ़ जाता है। अगर सही समय पर इलाज न कराया जाए तो इससे रोगी की मौत तक हो जाती है।
  • यह बीमारी मलेरिया ज्यादातर छोटे बच्चे, गर्भवती महिलाएं और बुजुर्गों को प्रभावित करते हैं जिनका इम्युनिटी सिस्टम कमजोर होता है।
  • इसमें शरीर में पसीना तो आता ही है, साथ ही इससे शरीर में कमजोरी भी आ जाती है। कई बार सिर दर्द के साथ साथ उल्टियां भी होती हैं , हाथ-पैरों में अकड़न सी लगती है।
  • आंखें लाल हो कर सूज जाती हैं, बुखार कभी-कभी 2-3 दिन छोड़कर आ सकता है और कभी-कभी लगातार भी आता है।
  • मलेरिया में कई बार खून की कमी भी हो जाती है, जिससे मरीज की जान तक जा सकती है। इसलिए मलेरिया को साधारण रोग ना मानते हुए जितनी जल्दी हो सके डॉक्टर से संपर्क करें।
  • मलेरिया में कई बार बुखार नहीं भी होता है लेकिन बदन दर्द और  सिर दर्द लगातार चलता रहता है। इससे व्यक्ति काफी थकावट महसूस करता है। ब्लड सैंपल लेकर टेस्ट करवाएं ताकि अगर मलेरिया या डेंगू जैसी खतरनाक बीमारी है तो जल्द से जल्द इनका इलाज किया जा सके।

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मलेरिया होने के  कारण

 

  • वैसे तो मच्छरों की बहुत सी प्रजाति है लेकिन मलेरिया के होने का मुख्य कारण मादा एनाफिलीज नाम का मच्छर है, जो शरीर ,में जहां से खून चूसता है वहां पर अपना लार छोड़ जाता है। जो खून में मिलने के साथ-साथ अपना संख्या भी बढ़ाना शुरू करता है।
  • मादा एनाफिलीज मलेरिया उस जगह होने का ज्यादा खतरा रहता है, जिन इलाकों के आसपास जगह-जगह पानी जमा होता है, वहां पर मलेरिया और डेंगू के मच्छर तेजी से प्रजनन करते हैं और उस इलाके में मलेरिया और डेंगू फैलने का कारण भी बनते हैं।
  •  अपने घर के आसपास किसी भी जगह पानी ना जमा होने दें,खासकर बारिश के मौसम में। अपने आसपास साफ-सफाई का खास  ध्यान रखें। अगर किसी जगह पानी भरा हुआ है तो, उस जगह थोड़ा सा मिट्टी का तेल डाल दें, ताकि अगर जमा हुए पानी में मच्छर पैदा हुए हैं तो वह मर जाएंगे।इससे  काफी हद तक मलेरिया और डेंगू जैसी खतरनाक बिमारी से बचा जा सकता है।

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मलेरिया से बचाव

  • डेंगू और मलेरिया जैसे खतरनाक बीमारियों से बचने के लिए सबसे पहला उपाय है अपने आसपास साफ-सफाई का ध्यान रखें।
  • अपने घरों के आसपास पानी जमा होने ना दें। इससे गन्दगी तो बढ़ेगी ही साथ ही इसमें डेंगू, मलेरिया जैसी बीमारियों के मच्छर पैदा होंगे।
  • रात में सोते समय मच्छरों से बचने के लिए उपयुक्त व्यवस्था करें, अगर आप घर की छत में या घर के बाहर सोते हैं, तो आप मच्छारदानी का युज करें।
  • घर के आसपास गड्ढे वाली जगह पर पानी को इकट्ठा न होने दें।पानी की टंकी, कूलर आदि में पानी बदलते रहें और सप्ताह में एक बार इसे जरूर साफ़ करें ताकि मच्छरों के प्रजनन पर रोक लगाई जा सके।
  •  खुली जगह जहां पर पानी हटाना संभव नहीं है, वहां पर पानी में थोड़ा सा मिटटी का तेल या पेट्रोल डाल दें। मच्छर पैदा नहीं होंगे,अगर होंगे भी तो मच्छरों के लार्वा समाप्त हो जाएंगे।
  • पानी के निकासी की व्यवस्था करें। खासकर बरसात के मौसम में। अगर घर में भी गंदगी है तो साफ-सफाई के लिए फिनायल का प्रयोग करें।
  • अपने घरों की खिड़की और दरवाजों पर बारीक जाली लगाएं, जिससे खतरनाक मच्छर घर में आकर आपको बीमार ना कर पाएं।
  • सुबह शाम ऐसे कपड़े पहनें जिनसे शरीर का ज्यादा से ज्यादा हिस्सा ढका हो, खासकर बच्चों के लिए सावधानी बहुत जरूरी है। गर्मी के मौसम में बच्चों को निक्कर और टी शर्ट ना पाहनायें, छोटे बच्चों  के लिए मच्छर भगाने वाली क्रीम का इस्तेमाल कर सकते हैं।
  • खुले जगहों या रेहड़ी पर खुले चाट या फास्टफूड से दूर रहें,इससे भी बिमारी हो सकती है।

 

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