सेकंड हैण्ड स्मोकिंग

सेकंड हैण्ड स्मोकिंग क्या है?

सबसे पहले ये जानते हैं की सेकंड हैण्ड स्मोकिंग क्या है? लोग खुद तो स्मोकिंग नहीं करते हैं लेकिन अपने दोस्तों या अन्य उन रिश्तेदारों के बीच रहते हैं, जो की स्मोकिंग करते हैं। उनका छोड़ा गया धुआं ना चाहते हुए भी उनके साँस के द्वारा उनके अन्दर जाता है और उन्हें भी उतना ही हानि पहुंचता है, जितना की स्मोकिंग करने वालों को। स्मोकिंग ना करने वाले सोचते हैं की उन्हें कोई साँस की या साँस से सम्बंधित अन्य कोई बिमारी नहीं हो सकती क्योंकि वो तो स्मोकिंग करते ही नहीं हैं ।अगर आप भी ऐसा ही माहौल में रहते हैं तो सतर्क रहें वर्ना किसी और की गलती की सजा आपको भुगतनी पड़ सकती है।

धूम्रपान में सिर्फ सिगरेट का धुआं ही नहीं इसमें तम्बाकू,बीड़ी,सिगार आदि भी शामिल हैं। तम्बाकू में  लगभग 4000 केमिकल्स होते हैं, जिसमे से कम से कम 250 केमिकल आपकी जान ले सकते हैंं इसमें कैंसर जैसी घातक बिमारी भी शामिल है।वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन के अनुसार हर साल लगभग 600 000  मौते होती हैं, वो भी सिर्फ सेकंड हैण्ड स्मोकिंग के कारण।

 

कैंसर 

सेकंड हैण्ड स्मोकिंग से भी कैंसर जैसी घातक बिमारी हो सकती है। अगर आप दूसरों के छोड़े गए धुएं को साँस के द्वारा लेते हैं या आप के आसपास का माहौल ऐसा है तो आप को फेफड़े का कैंसर होने के 40% चांचेस बढ़ जाते हैं। इससे कैंसर ही नहीं अन्य बिमारी भी हो सकती है।

बच्चों को खतरा

अगर आपके घर में छोटे बच्चे हैं और आप धुम्रपान करते हैं तो इसका सबसे ज्यादा खामियाजा बच्चों को भुगतना पड़ता है। क्योंकि उनके अंग काफी नाजुक होते हैं। ये धुएं उन्हें काफी नुक्सान पहुंचा सकते हैं, खासकर उनके फेफेड़ों को। उन्हें हो सकता है की कोई गंभीर बिमारी हो जाये, ऐसे बच्चों को खांसी,अस्थमा या साँस सम्बन्धी बिमारी भी हो सकती है क्योंकि बच्चे बड़ो की तुलना में ज्यादा साँस लेते हैं क्योंकि वो अभी बढ़ रहे हैं,उनके शरीर का विकास हो रहा है।

प्रेगनेंसी में खतरा

सेकंड हैण्ड स्मोकिंग से प्रेगनेन्ट महिलाओं को भी खतरा रहता है, ये धुआं उस महिला और उसके बच्चे दोनों के लिए नुकसानदायक है। सेकंड हैण्ड स्मोकिंग के संपर्क में आने से प्रेग्नेंट महिलाओं को गर्भपात का खतरा बना रहता है। इसके अलावा इस धुएं के संपर्क में आने से हो सकता है बच्चा समय से पहले पैदा हो जाए यानी की प्री-मेच्यौर डिलीवरी हो जाए और बच्चा कमजोर रहे। इससे बच्चे को कई तरह की बीमारियाँ घेर सकती हैं। अगर प्रेग्नेंट महिला खुद स्मोकिंग की लत की शिकार है तो ये खतरा और ज्यादा बढ़ जाता है ।

 

हार्ट अटैक

सेकंड हैण्ड स्मोकिंग से अप को दिल का दौरा भी पड़ सकता है। अगर आप इस धुएं के संपर्क में आते हैं तो ये धुआं आपके रक्त वाहिकाओं में जाकर ब्लड में मौजूद प्लेटलेट्स को कम करता है, जिससे और भी कई हार्ट सम्बन्धी बिमारी हो सकती हैं। जिन्हें पहले से दमा या हार्ट से रिलेटेड बिमारी है उन्हें तो सेकंड हैण्ड स्मोकिंग के बिलकुल भी पास नहीं जाना चाहिए। लगातार सेकंड हैण्ड स्मोकिंग के संपर्क में रहने से दिल के दौरे की 30% तक सम्भावना बढ़ जाती है ।

इसके अलावा और भी कई बीमारियाँ जैसे अस्थमा,सुनने में प्रोब्लम्स,निमोनियां अादि की समस्या भी हो सकती है । तम्बाकू में मौजूद निकोटिन हमारे शरीर को बहुत ज्यादा हानि पहुंचता है।

बचने के उपाय

  • अगर आप के के दोस्तों या परिवार वालों में से कोई स्मोकिंग करता है तो उसे मना करें। अगर फिर भी नहीं मानता है तो उसे स्मोकिंग घर के बाहर करने को कहें।
  • अगर बंद कमरे में स्मोकिंग किया गया है तो कमरे की खिड़की,दरवाजा खोल दें और वेंटिलेशन चला दें।
  • अगर आपके आस-पास ऐसे लोग हैं जो स्मोक करते हैं तो कोशिश करे की आप उनसे दूर रहें।
  • घर में यदि छोटे बच्चे हैं तो जितना हो सके उन्हें स्मोकिंग वाले वातावरण से दूर रखें।
  • अगर आप किसी रेस्टोरेंट या सार्वजानिक जगह पर जाते हैं तो ऐसे जगह का चुनाव करें, जहाँ नो स्मोकिंग का बैनर लगा हो।
  • सेकंड हैण्ड स्मोकिग से बचने का सबसे अच्छा तरीका ये है की अपने आस-पास के लोगों में स्मोकिंग से जुडी जागरूकता फैलाएं, उन्हें इससे होने वाले नुक्सान के बारे में बताएं।
  • ऐसे लोगों को नशामुक्ति केंद्र भेज सकते हैं, जहाँ उन्हे हर प्रकार के नशे से छुटकारा दिलाया जाता है ।

 

News Reporter

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