स्तन में गांठ ब्रेस्ट कैंसर तो नहीं,जाने इससे बचने के उपाय  

 

स्तन में गांठ का नाम सुनते ही महिलाओं के मन में यही सवाल आता है कि,कहीं  यह गांठ ब्रेस्ट कैंसर का एक लक्षण तो नहीं। लेकिन जरूरी नहीं कि हर बार या हर गांठ स्तन कैंसर ही हो। स्तन में गॉंठ किसी महिला को दर्द महसूस हो सकता है और कइयों को ये बिना दर्द के भी हो सकता है। यह महिला को किसी भी उम्र में हो सकता है। स्तन में गांठ की समस्या मुख्य रूप से युवतियों में देखने को मिलती है। यह उन महिलाओं में ज्यादा हो सकता है जो हाल ही में मां बनी हैं या मां बनने वाली हैं। वैसे तो यह गांठ कैंसर के लक्षण नहीं होते हैं फिर भी स्तन में गांठ की समस्या होने पर एक बार स्तन कैंसर की जांच जरुर करवा लेना चाहिए। यह भविष्य में कैंसर का प्रतीक हो सकता है। ब्रेस्ट में गांठ को नजरअंदाज बिल्कुल नहीं करें।नज़र अंदाज़ के कारण हो सकता है, आपको भविष्य में और ज्यादा दिक्कत का सामना करना पड़े। जितनी जल्दी हो डॉक्टर से मिलें और इसका इलाज करवाएं।

एक शोध में यह बात सामने आई है कि, ब्रेस्ट में होने वाली गांठ में से सिर्फ 10 पर्सेंट ही ब्रैस्ट कैंसर का कारण हो सकता है। बाकी ज्यादातर मामले में स्तन में गांठ फैट्स और सिस्ट के कारण हो सकते हैं।

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स्तन में गांठ को फाइब्रोएडीनोमा कहा जाता है, इसमें ब्रेस्ट के अंदर टिशू बढ़ जाता है। इसमें महिला के स्तन के आसपास हल्का सूजन या हल्का दर्द रहता है। लेकिन यह ज्यादा दिनों तक ना रह कर जल्दी ही ठीक हो जाता है।  अगर यह दर्द लम्बे समय तक रहे तो ये ट्यूमर या कैंसर का रूप ले सकता है। इस गाँठ के लिए बिल्कुल भी लापरवाह ना हों।

स्तन में गांठ के लक्षण

  • हालांकि स्तन में होने वाली हर गांठ कैंसर नहीं होती, फिर भी इसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। स्तन में गांठ कई बार पीरियड्स के बाद अपने आप ठीक हो जाती है। अगर ये मासिक के बाद भी कम ना हो कर और बढ़ गई है, या धीरे-धीरे बढ़ रही है। स्तन के आसपास की त्वचा का रंग लाल रंग की हो रही है, तो यह भी स्तन में गांठ का एक लक्षण हो सकता है।
  •  ब्रेस्ट के आकार में बदलाव होना। जिस महिला के ब्रेस्ट के आकार में अचानक बदलाव आने लगे तो, इसे भी नजरअंदाज नहीं किया जा सकता क्योंकि यह भी स्तन में गांठ हो सकता है। जितनी जल्द हो सके अपने डॉक्टर से मिलें।
  • किसी महिला के स्तन में दूध के साथ-साथ खून भी निकलने लगे तो, उसे भी तुरंत डॉक्टर से मिलना चाहिए। आगे चलकर ये स्तन कैंसर का कारण बन सकता है।
  • यदि स्तन के आसपास दर्द हो या स्तनों में सूजन हो तो यह भी गांठ हो सकता है।
  • महिलाओं को चाहिए कि वह अपने शरीर के बाकी अंगों की तरह अपने स्तनों का भी ध्यान रखें। अगर स्तन में कोई छोटी से छोटी गांठ हो या और कुछ भी हो तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।

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स्तन में गांठ के कारण

 

  • स्तन में गांठ के कई कारण हो सकते हैं। जब महिलाओं के स्तन में जब अल्सर होता है, तभी उनके स्तन में गांठ होने की संभावना होती है। बहुत सारी महिलाओं को प्रेगनेंसी के बाद स्तन में दूध अल्सर होता है और फाइब्रोएडीनोमा होता है।
  •  स्तन में यदि कोई संक्रमण हो तो यह भी स्तन में गांठ होने का एक कारण हो सकता है। इसलिए महिलाओं को अपने स्तन का खास ध्यान रखना चाहिए।
  •  कभी किसी कारण चलते फिरते या गिर जाने से स्तन में चोट लग सकता है। शुरू में हल्का दर्द हो और ये ठीक हो जाए तो कोई बात नहीं लेकिन अगर ये दर्द ठीक ना हो तो, यह चोट भी गांठ का रूप ले सकता है। जो आगे चलकर बेस्ट कैंसर का भी एक कारण हो सकता है।
  •  जिन महिलाओं में ब्रेस्ट कैंसर होता है, उन महिलाओं के स्तन में गांठ होता है। इसलिए अगर किसी महिला के ब्रेस्ट में किसी भी प्रकार की गांठ है तो, तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। हालांकि कई बार यह बढ़ती उम्र और मासिक धर्म समय से पहले शुरू हो जाए या देर से बंद होने के कारण भी  स्तन में गांठ हो सकता है।

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स्तन में गांठ के उपचार

 

जैसा कि हमने ऊपर बताया हर गांठ कैंसरयुक्त गांठ नहीं। गांठ दो प्रकार की होती है कैंसर युक्त गांठ और कैंसर मुक्त गांठ। यदि आपके स्तन में कैंसरमुक्त गांठ है तो उसमे हल्का दर्द हो सकता है। स्तन में हल्का दर्द है तो इसके लिए आप स्तन से रिलेटेड कोई एक्सरसाइज कर सकती हैं या स्तनों में हल्के हाथों से तेल से मालिश कर सकती हैं। जिससे आपका दर्द भी चला जाएगा और आप की गांठ भी ठीक हो जाएगी।

 

कैंसरयुक्त गांठ

यदि आपको स्तन संक्रमण है तो डॉक्टर आप को इलाज के लिए एंटीबायोटिक दवाओं का सुझाव देंगे। आपके ब्रेस्ट में सिस्ट है तो इसे दवाओं के माध्यम से भी ठीक किया जा सकता है। लेकिन कुछ मामलों में सिस्ट का इलाज करने की आवश्यकता नहीं होती यह या तो अपने आप ठीक हो जाते हैं। या उनको हल्का मालिश से स्तन का साइज ठीक कर सकते हैं। अगर आपके स्तन के गांठ में ब्रेस्ट कैंसर पाया जाता है तो इसके इलाज के लिए सर्जरी ही एकमात्र उपाय है। लेकिन यह सर्जरी ब्रेस्ट के गांठ के प्रकार, गांठ के ट्यूमर और आकार पर निर्भर करता है। अगर कीमोथेरेपी से इसका इलाज किया जाता है तो यह गांठ की स्थिति पर निर्भर करता है।

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स्तन के गांठ से बचाव

  • स्तनों में होने वाली इन खतरनाक गांठों को होने से पहले नहीं रोका जा सकता है ऐसा सोचना बिल्कुल गलत है। लेकिन कई बार यह हार्मोन के असंतुलन के कारण होते हैं जिस पर किसी का वश नहीं चलता।ऐसे में इसे अगर इन्हें रोका नहीं जा सकता तो कम से कम इन गांठ की  जटिलताओं को कम जरूर किया जा सकता है।  लेकिन इसके लिए हर महिला को अपने स्तनों के प्रति जागरूक होना जरूरी है।
  • अपने वजन पर नियंत्रण रखें। अक्सर देखा जाता है कि महिलाओं का बच्चे पैदा होने के बाद शरीर का वजन काफी बढ़ जाता है। इन बढ़े हुए वजन में धीरे धीरे और भी कई प्रकार की बीमारियां आ जाती हैं। इसलिए रोज हल्की-फुल्की एक्सरसाइज करें। अपने खाने पर नियंत्रण रखें ताकि स्तन में कोई गांठ ना हो और आप कई साड़ी बीमारियों से भी बचे रहें।
  • दोनो स्तनों में किसी प्रकार की असमानता या गांठ महसूस होने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। क्योंकि कोई भी छोटी गांठ को नजरअंदाज ना करें। ये आगे चलकर कोई बड़ी बीमारी या फिर ब्रेस्ट कैंसर का रूप धारण कर सकता है।
  • यदि आप गर्भ निरोधक गोलियां खाती है तो इसके कई फायदे हैं तो साथ ही इसके नुकसान भी हैं। जहां यह गोलियां महिलाओं को अनचाहे गर्भ से मुक्ति दिलाने में सहायक होती हैं, वहीं दूसरी ओर इनका अधिक मात्रा में सेवन करने से कई महिलाओं में ब्रेस्ट कैंसर, दिल का दौरा आदि की संभावना भी बढ़ जाती है
  • महिलाओं को धूम्रपान और अल्कोहल से दूर रहना चाहिए क्योंकि यह इससे शरीर के हार्मोन असंतुलित हो जाते हैं। जिससे  ब्रेस्ट में गांठ की संभावना बढ़ जाती है।
  • अपने स्तनों की नियमित और विशेष देखभाल करें। यदि आपको स्तन में कोई गांठ महसूस हो या कोई चोट लग जाए तो, तुरंत अपने डॉक्टर से संपर्क करें। ताकि जल्द से जल्द इसका इलाज हो और आप एक स्वस्थ जीवन व्यतीत कर सकें।

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