हीन भावना से कैसे बचें

हीनभावना एक ऐसी कमजोरी है, जिसे अगर सही समय पर दूर नहीं किया गया तो ये एक गंभीर मनोवेज्ञानिक समस्या का रूप धारण कर लेता है। आईये जाने इसे कैसे दूर करें :-

आपने अपने आस-पास कुछ ऐसे लोगों को जरुर देखा होगा, जो अपने आपको दूसरों से कमतर समझते हैं। ये लोग अपने अन्दर छिपे अपने अच्छे गुणों को पहचान नहीं पाते और उन्हें अपने भीतर केवल बुराइयाँ ही नजर आती हैं। इसी वजह से वे हीन भावना के शिकार हो जाते हैं। हीन भावना इंसान को कमजोर बना देती है, इससे उसकी प्रोफेशनल और पर्सनल लाइफ पर भी बुरा असर पड़ता है। यदि इसे दूर ना किया गया तो व्यक्ति डिप्रेशन जैसी गंभीर मनोरोग का शिकार हो जाता है।

हीन भावना के लक्षण क्या हैं

आत्मविश्वास की कमी हीन भावना का प्रमुख कारण है। इससे ग्रस्त व्यक्ति निर्णय लेते हुए डरता है। अगर वो कोई नया काम शुरू करने जा रहा है तो शुरू होने से पहले ही उसे असफलता का भय लगा रहता है। नए लोगों से मिलने-जुलने में संकोच और अपनी बॉडी इमेज को लेकर नकारात्मक विचार हीन भावना क प्रमुख लक्षण हैं। इस समस्या से ग्रस्त लोग हमेशा अपने रंग-रूप,बोलचाल, कदकाठी और पहनावा को लेकर असंतुष्ट रहते हैं।

 

क्यों होता है ऐसा 

हीन भावना की जडें कहीं न कहीं हमारे बचपन में ही छिपी होती हैं, ऐसा देखा गया है की जिन बच्चों को छोटी-छोटी गलतियों के लिए बार-बार रोकना टोकना, उसके साथ हमेशा गलत बात का इस्तमाल कर बात करना, उसकी हमउम्र बच्चों की तुलना कर उसे हमेशा निचा दिखने की कोशिश करना, आदि ऐसे कारण हैं जिसकी वजह से बड़े होने के बाद भी बच्चे में हीन भावना भर जाती है, जो फिर पूरी उम्र उसका साथ नहीं छोडती। यदि माता-पिता मे से भी कोई हीन भावनासे ग्रस्त है, तो उसे देखकर बच्चे भी उन्ही की तरह बन जाएगें। किसी पूर्व असफलता, दुर्घटना या गलत व्यवहार की वजह से लोगों में बड़े होने के बावजूद भी हीन भावना पैदा हो सकती है ।

 

इसे कैसे दूर करें

  • अपनी कमियों के बारे में ज्यादा ना सोचें, इससे आपका आत्मविश्वास और कमजोर होगा ।
  • कॉन्फिडेंस बढ़ाने के लिए अच्छी किताबें पढ़ें, जो की आपका कॉन्फिडेंस बढ़ाएगीं। हम किसी बात को लेकर कब कॉन्फिडेंस नहीं होते हैं जब हमें उसके बारे में ज्यादा पता नहीं होता इसलिए अच्छी बुक्स पढ़ेंं। अपने आस-पास की चीजों पर हमेशा नजर रखें ।
  • भगवान् ने सभी को कुछ न कुछ कमियों और खूबियों के साथ इस धरती पर भेजा है, अपनी उसी खूबियों को पहचानकर उसे उभारने की कोशिश करें।
  • ऐसे लोगों से दोस्ती रखें जो हमेशा सही बात करें, ऐसे लोगों से दूर रहें जो हमेशा दूसरों की कमियां निकाल कर उन्हें नीचा दिखने की कोशिश करते हैं ।
  •  कभी भी खुद को दूसरों से कमतर ना आकें। आप हमेशा अपना सम्मान करना सीखें, तभी दुनिया भी आप का सम्मान करेगी।
  • जब भी कोई अच्छा या कोई कॉंफिडेंट वाला काम करें तो खुद को शाबाशी देना ना भूलें। इससे आपका हीन भावना जाता रहेगा और कॉन्फिडेंस लेवल बढ़ता जाएगा।

 

News Reporter

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